कहानी..
कुछ कहानिया अलग सी होती है...
जजबातो मे फसी हुई..
जिंदगी की हर मोड पे
एक नया कदम लेने वाली...
रास्ते मे कितनी भी बडी लहर आ जाये
ये रुकती नही,बस चलती रहती है..
हर कदम एक नया ऎहसास है
इस अलग से कहानी मे..
इश्क का वो हर जजबा है
उसके पुरे रुह मे..
एक नयी पहचान है
उसके हर पंक्तियो मे..
ये कहानी हर किसी की नही होती
उसका पुरा होना तो
सिर्फ इत्तेफाक की बात है..
इस अजीब से मैखाने मे
कभी हार भी जाते है ये पल
पर उनका मुस्कुराना
ये जिंदगी का साथ है..
चाहकर भी अधुरी सी रह जाती
है ये कहानी...
उस उलझते हुऎ मंजिल की तरह..
हम सब तो एक जरिया है
उस कहानी को खत्म करनेवाला
लेकिन कभी कबार अपने रास्ते
खुद ढुंढ लेती है ये कहानी..
उस बहने वाले पानी की तरह.....
-नयन मोहितकर..
कुछ कहानिया अलग सी होती है...
जजबातो मे फसी हुई..
जिंदगी की हर मोड पे
एक नया कदम लेने वाली...
रास्ते मे कितनी भी बडी लहर आ जाये
ये रुकती नही,बस चलती रहती है..
हर कदम एक नया ऎहसास है
इस अलग से कहानी मे..
इश्क का वो हर जजबा है
उसके पुरे रुह मे..
एक नयी पहचान है
उसके हर पंक्तियो मे..
ये कहानी हर किसी की नही होती
उसका पुरा होना तो
सिर्फ इत्तेफाक की बात है..
इस अजीब से मैखाने मे
कभी हार भी जाते है ये पल
पर उनका मुस्कुराना
ये जिंदगी का साथ है..
चाहकर भी अधुरी सी रह जाती
है ये कहानी...
उस उलझते हुऎ मंजिल की तरह..
हम सब तो एक जरिया है
उस कहानी को खत्म करनेवाला
लेकिन कभी कबार अपने रास्ते
खुद ढुंढ लेती है ये कहानी..
उस बहने वाले पानी की तरह.....
-नयन मोहितकर..
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