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Showing posts from December, 2015

आसमान से टुटने वाले तारे...

आसमान से टुटने वाले तारे  कुछ अपने मांगे हुए है कुछ उसके पुरे किये हुए है माना कि हर किसीकि ख्वाइशे हो जाती हो गी इससे पुरी लेकिन ये खुदबखुद अपने जिंदगी से ही सुलझाये हुए है...

हिंदी शायरी

हसरते  तो आज भी हमे पुकारती है. जमाना तो आज भि हमसे ही चलता है जिंदगी कि हर ख्वाइश पुरी हो जाये लेकिन क्या करे इश्क का मैखाना तो आज भी हमे मोहब्बत पुछता है...मोहब्बत पुछता है    ...

Hindi poetry ..तेरी नजरो मे..

तेरी नजरो मे ये कैसा ऐतबार आया है मॊसम मे भी ये अलग सा नशा छाया है मेरे तकदीर की भी क्या बात करे गालिब आज परींदो ने भी खुदा से पैगाम ये लाया है खुदा से पैगाम ये लाया है         -नय...