जो दुसरे दिल के लिये धडके वो है इश्क
उसकी नोक पर रखे हुए तलवार
से तुम्हारे आखो मे आसुओ की सौगात लाये
वो है इश्क..
बहती नदिया का पानी है इश्क
भुलकर सारे अन्जामो को
उसके लिये जान गवा बैठे वो है इश्क
उसकी हर सांस से तुम्हारी सांस चले
वो है इश्क..
उसके जाने से पहले
खुद खुदा तुमको उठा ले.
वही है सच्चा इश्क....वही है सच्चा इश्क...
-नयन मोहितकर..
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