हसरते तो आज भी हमे पुकारती है.
जमाना तो आज भि हमसे ही चलता है
जिंदगी कि हर ख्वाइश पुरी हो जाये
लेकिन क्या करे इश्क का मैखाना तो आज भी हमे मोहब्बत पुछता है...मोहब्बत पुछता है
-नयन मोहितकर.
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हसरते तो आज भी हमे पुकारती है.
जमाना तो आज भि हमसे ही चलता है
जिंदगी कि हर ख्वाइश पुरी हो जाये
लेकिन क्या करे इश्क का मैखाना तो आज भी हमे मोहब्बत पुछता है...मोहब्बत पुछता है
-नयन मोहितकर.
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