१. मेर येे दिल का धडकना कुछ मिठा सा लगता है
ये हसीन हर लम्हा कुछ पागल सा लगता है
ये प्यार का मौसम है की मै समझ नही पाता
तेरे हर हसी का ये चेहरा, भी कुछ दिलदार सा लगता है
२. मन ही मन मुस्कुराकर वक्त निकालते चले जाना है
खुद ही खुद को समझाकर. आगे बढते जाना है
जीते तो हर लोग अपने खुशी के लिये.
जरा वक्त निकालकर दुसरो के खुशी के लिये भी
जित चले जाना है… जिते चले जाना है …
३. दिल का दर्द छुपाकर कोइ इन्सान अब सो नही सकता.
हर हाल मे जिंदा हो के भी ये गम सह नही सकता
मोहब्बत की भी expiary यहा आगयी है अब
अब तो हरी पत्ति के बिना ये दिल भी बिक नही सकता...
- नयन मोहितकर
ये हसीन हर लम्हा कुछ पागल सा लगता है
ये प्यार का मौसम है की मै समझ नही पाता
तेरे हर हसी का ये चेहरा, भी कुछ दिलदार सा लगता है
२. मन ही मन मुस्कुराकर वक्त निकालते चले जाना है
खुद ही खुद को समझाकर. आगे बढते जाना है
जीते तो हर लोग अपने खुशी के लिये.
जरा वक्त निकालकर दुसरो के खुशी के लिये भी
जित चले जाना है… जिते चले जाना है …
३. दिल का दर्द छुपाकर कोइ इन्सान अब सो नही सकता.
हर हाल मे जिंदा हो के भी ये गम सह नही सकता
मोहब्बत की भी expiary यहा आगयी है अब
अब तो हरी पत्ति के बिना ये दिल भी बिक नही सकता...
- नयन मोहितकर
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