खुद को समझदार बताकर
अक्सर पागल समझती हैं ये दुनिया मुझे ।
नफरत का गलत किताब पढाकर
अक्सर पागल समझती हैं ये दुनिया मुझे ।
नफरत का गलत किताब पढाकर
मोहोब्बत करने से डराती है ये दुनिया मुझे।
इंसानो इंसानो में भेद करकर
मजहब का आदर करना सिखाती है ये दुनिया मुझे।
मेरे जैसे सेकड़ो दिलो से निकली हुयी आवाज को
दबा देती है ये दुनिया मुझे।
जिंदगी जीने का तरीका सिखाकर
अक्सर सब कुछ भुला देती है ये दुनिया मुझे
ये दुनिया मुझे। ...........
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