जिंदगी……
जिंदगी तन्हा होगयी अब
पता ही नहीं चलता,
दिन कब होता है और रात कब ,
चाँद तारे भी चले आते है ,
हमारे सपनो का आगाज लेने
पर हमारे सपने ही कुछ ऐसे होते है,
पता ही नहीं चलता आते है कब ,
और चले जाते है कब ,
जिंदगी भी ऐसी ही है मेरे दोस्तों
पता ही नहीं चलता इतने में
कैसे गुजर जाती है सब।
-नयन मोहितकर
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