आसमान से टुटने वाले तारे
कुछ अपने मांगे हुए है
कुछ उसके पुरे किये हुए है
माना कि हर किसीकि ख्वाइशे
हो जाती हो गी इससे पुरी
लेकिन ये खुदबखुद अपने जिंदगी से ही
सुलझाये हुए है...
आसमान से टुटने वाले तारे
किसीकी इबादत ले.आये हुए है
तो किसीके लिये उसका पैगाम ढूंढ लाये हुए है
हर पल कि किंमत तो
जिंदगी बता देती है यारो
पर क्या करे ये टुटते तारे
वो पल भी ढूंढ लाये हुए है....
ओर आसमान से टुटने वाले तारे
कुछ अजब से इशारे करते आये हुए है
लेकिन वो इशारो मे ही
वो जिंदगी कि सारी खुशिया लाये हुए है
सारी खुशिया लाये हुए है......
-नयन मोहितकर.
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